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7c Report: 17 दिन, 15 जिंदगियां और केवल 3 हेलमेट। Meghalaya माइनर्स का कोई संकेत नहीं

बचावकर्मी पिछले 17 दिनों से Meghalaya में 320 फीट कोयला खदान में फंसे 13 लोगों तक पहुंचने के लिए समय के खिलाफ दौड़ रहे हैं। नौसेना के गोताखोरों और NDRF की टीमें दिन रात गुफा से पानी निकलने की कोशिश कर रही है। पानी को कम करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कम शक्ति वाले पंपों की मदद के लिए बचाव अभियान सोमवार को स्थगित कर दिया गया। हादसे वाली जगह से गोताखोर अब तक महज तीन हेलमेट ही बरामद कर पाए हैं।

  1. नौसेना के गोताखोर आधुनिक उपकरण के साथ घटना सथल पे पहुंचे, जिसमें पानी के नीचे दूर से संचालित किया जाने वाला वाहन भी शामिल हैं, खदान में मिनर्स को खोजने के लिए, नौसेना के अधिकारी ने बताया।
  2. नौसेना की टीम को विशाखापट्टनम से गुवाहाटी ले जाया गया। फिर, एक हेलिकॉप्टर ने टीम को खलीहिरत के निकटतम हेलीपैड पर उतारा। फिर उन्हें सड़क मार्ग से खदान में ले जाया गया। भारतीय नौसेना में गोताखोर दुनिया में सबसे सम्मानित गोताखोरों में से एक हैं। खदान पूरी तरह से पेड़ों से घिरी एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है
  3. नौसेना ने हाल ही में एक सर्वेक्षण दल भेजा था जिसमें बचाव अभियान की प्रकृति का आकलन करने के लिए एक अधिकारी और दो गोताखोर शामिल थे। किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड की एक टीम – एक भारी उपकरण कंपनी जो बचाव प्रयासों में सहायता करने के लिए सहमत हो गई है – स्थिति का जायजा लेने के लिए वो भी मोके पे मौजूद थी।
  4. बचाव अभियान में सहायता के लिए शनिवार को उच्च तकनीकी उपकरणों से लैस ओडिशा के अग्निशामक भी घटना स्थल पर पहुंची।
  5. गुवाहाटी हवाई अड्डे पर दस उच्च-शक्ति पंप ले जाने वाले वायु सेना का एक भारी-भरकम विमान उतरा। पंप पूर्वी जयंतिया हिल्स में जिला मुख्यालय तक पहुंच गए हैं। खदान दूर दराज़ के इलाके में होने की वजह से, अधिकारी अब इस बात की चिंता में हैं की आखिर किस तरह से उपकरण को खदान तक ले जाया जाय।
  6. नौसेना की 15 सदस्यीय गोताखोरी टीम आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से उड़ान भर चुकी है और खदान के रास्ते पर है।
  7. खदान गिरने के बाद पास की एक नदी और पास ही में मौजूद एक अन्य खदान से खदान में बाढ़ आ गई। एनडीआरएफ द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कम क्षमता वाले पंप अपनी पूरी क्षमता पे काम करने के बावजूद भी खदान में पानी का स्तर काम करने में असफल साबित हो रहे हैं।
  8. भारी पंप बनाने वाली कंपनी किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड की एक टीम शुक्रवार को सर्वेक्षण के लिए घटना स्थल पे पहुंची।
  9. एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट एसके सिंह ने कहा, “कोल इंडिया के विशेषज्ञ यहां सर्वेक्षण करने के लिए आए हुए हैं, वह आगे क्या किया जा सकता है ये बताएँगे। पंप के आने के बाद हमारे गोताखोर खदान में उतर जाएंगे और पानी को एक सुरक्षित स्तर तक ले जाया जाएगा।”
  10. एनडीआरएफ अधिकारी ने कहा कि बचाव दल ने पहले दिन से ही काम शुरू कर दिया था लेकिन पहले दिन ही पानी का स्तर गोताखोरों के लिए खतरा पैदा कर रहा था। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार ने पानी को खदान से निकालने के लिए कम क्षमता वाले पंपों का उपयोग करने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जिसके बाद उच्चस्तरीय पंपों के लिए अनुरोध 18 दिसंबर को केंद्र को भेजा गया।”

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